(करवा चौथ के कुछ दिन पहले पत्नी की पतिदेव जी से प्यार भरी मनुहार)

करवा चौथ है आने वाला , क्या दोगे उपहार 
न मांगू कुछ ज्यादा , बस मान लो ये मनुहार

साजन जी दिलवा दो न
एक लाल सिल्क की साड़ी
फिर कुछ दिन की है गारंटी
लड़ाई न होगी हमारी

ऑनलाइन न लूंगी कुछ , चलो साथ बाजार
न मांगू कुछ ज्यादा , बस मान लो ये मनुहार
करवाचौथ है आने वाला......

साथ में तुम दिलवा देना 
डायमंड वाला हार पिया
हार से मैचिंग वाली झुमकी,
नथ और माथे की बिंदिया

होगा न ज्यादा खर्चा , न लेना पड़ेगा उधार
न मांगू कुछ ज्यादा , बस मान लो ये मनुहार 
करवाचौथ है आने वाला......

मेहँदी रचे हाथों में जब 
चूड़ी संग खनकेंगे कंगन
मेरे गजरे की खुशबू से
महकेगी तेरे दिल की धड़कन

अब ज्यादा न टालो मुझको , हो जाओ तैयार
न मांगू कुछ ज्यादा , बस मान लो ये मनुहार
करवाचौथ है आने वाला......

कमर में करधन पहनूँगी
और पैरों में छमछम पायल
तुम नजरें चुरा न पाओगे
कुछ यूं मन में होगी हलचल

जो मुझको देखोगे , फिर देखोगे बार बार
न मांगू कुछ ज्यादा , बस मान लो ये मनुहार
करवाचौथ है आने वाला......

नई दुल्हन के जैसे सजकर
सामने आऊंगी मै तुम्हारे
आँखों में तुम्हारी प्यार देख
झुकेंगी शरमाके मेरी नज़रें 

साथ तुम्हारा पाके प्रियतम , सार्थक होगा श्रृंगार
मान लो ये मनुहार , बस कभी न कम हो प्यार
   
               –प्रीति ताम्रकार
                   जबलपुर