नही बिटिया रानी,छोटे मालिक ,ये सब नही खाते"""
अश्चर्य से,नीरु हरिया,काका को, देखने लगी,
उसे समझ न आया,उसके बाबा,मालिक कैसे बन गये"
दादा हम आपसे एक बात पूछे,,,,,
हरिया काका जाते हुऐ ,ठिठक गये,जी बिटिया रानी पूछो,
मेरे बाबा आपके मलिक ,कैसे बन गये,ं"""""
बिटिया वो बने नही वो,हमारे मालिक जन्मजात है""""
पर दादा हमे तो कभी बताया नही,न माँ ने न ही बाबा ने,
अच्छा,बिटिया हम ,खाना बना ले,आप सबको भूख लग रही होगी,बात टालने की गरज से,बोले हरिया काका,,,,,
जी दादा,,,
रसोईघर की ओर बढ गये हरिया काका,
नीरू भी उनके पीछ पीछे रसोई घर मे आ गयी"""
हरिया काका ने पदचापो की आवाज सुनी तो,पीछे मुडकर
देखने लगे,अरे बिटिया आप रसोई घर मे क्यूँ आ गई ,
दादा आपकी मदद करने,नीरु की बात सुनकर हरिया काका
को हँसी आ गई,बिटिया आप जाकर आराम करो,,
नही ,दादा हम थके नही है "प्रतिउत्तर मे नीरु बोली"""
नही बिटिया हम आपसे काम नही करवा सकते ,आप मलिक की बिटिया है"
और छोटी मलकिन भी,"""""हम"""""" दादा कैसे,नीरु ने अचरज से पूछा ,बिटिया सब बताऊँगा पहले भोजन बना लूँ"""दादा मै बैठकर क्या करूँ,मै भी आपका हाथ बटाँ लूगी
माँ के जाने के बाद से मै ही भोजन बना रही हूँ!!
पर बिटिया उस समय बात और थी अब और है,,,,,,
ठीक है,फिर मै,बाहर बैठती हूँ,,,,,
नीरु बरामदे की ओर मुड गई"""""
रुको बिटिया,,,,,,,,,,,,,
अन्दर आ जाओ,,,जी दादा """नीरु बोली""""
नीरू वापस रसोईघर मे आ गई """"
अब तक चन्द्रेश भी बेडरुम मे आ गया था,,,,
कुछ देर बाद चन्द्रेश,रुम से बाहर निकला तो उसका हुलिया पूरी तरह बदल चुका था,,,
हारिया ,काका एक गिलास पानी लाना""""""
बाबा पानी"नीरू पानी लेकर सामने खडी थी"
उसने बाबा को पानी दिया "और उनको अपलक निहारती रही"""""""कृमशः आगे जारी भाग -13🙏🏼🙏🏼🙏🏼रीमा ठाकु🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🌹🌹🌹🌹

प्रिये पाठको स्नेह और अशीर्वाद बनाऐ रखना

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