अभिनन्दन का वंदन कर लो 
ऐसे फौजी वीर यहाँ 
घर मे घुसकर मार के आते 
ऐसे रणवाँकुरे यहाँ ।

आँख मिलाकर बाते.करते 
नही झुकाते शीश यहाँ 
दुश्मन के घर थूक कर आते 
ऐसे फौजी वीर यहाँ 

भारत की रज रज महके 
मलयगिरि के चंदन से 
वीरो की धरती है ये तो 
शत्रु नाम सुनकर डर जाते 

सरहद की सीमाओ मे भी 
फौजी बन कर गाते है 
पाकिस्तानी सेना को फिर 
घर मे घुसकर धुनते है ।

वीर साहसी मारूत नन्दन से 
लंका उनकी ढह आते है 
नही सोचते निज की चिंता 
घर मे घुसकर भी आँख दिखाते है 

वतन प्रेम के ऐसे दीवाने 
सिर पर कफन सजाते है.
नत मस्तक करते दुश्मन का
चरणो मे मार.गिराते है ।

अभिनन्दन का वंदन कर लो 
ऐसे फौजी वीर यहाँ 
घर मे घुसकर मार के आते 
ऐसे रणवाँकुरे यहाँ ।


                मीनाक्षी शर्मा