तुम हो
कहा हो
आँखों से
दिखते नहीं
सोचा
दिल में
देखे
धड़कन थी
तुम भी थे
पर दिखे नहीं
लेकिन
जो तस्वीर
दिमाग में थी
दिख गई
फिर यादें
ताजा हो गई
आँखों में
उतार ली
दिल में
बसा ली
जब मन हुआ
देख ली
अंजू
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