आशा है, उस भीगी लकड़ी 
को फिर से जलने की...!

आशा है, उस प्यासी धरती
को बादल के गरजने की...!!

आशा है, उस किसान को
फसलें लहराने की...!!!

आशा है, असफलता को
सफल होने की...!!!!

आशा है, एक पिता को अपनी
बेटी पर परिवार का गौरव बढाने की...!!!!!

आशा है, गरीबी के अंधकार को
एक रोशनी की किरण देने की...!!!!!!

आशा है, इंसान को कल की
सुबह देखने की...!!!!!!!

आशा है, उस पेड़ को अपने पूराने 
पत्ते खोकर नए पत्ते पाने की...!!!!!!!!

आशा है, उस टूटे दिल को
फिर से जुड़ने की...!!!!!!!!!

आशा है, हमें अपने सपनों को 
हकीकत बनाने की...!!!!!!!!!!
   
      आरती सुधाकर सिरसाट
      बुरहानपुर मध्यप्रदेश