ओ साँवले मेरा मन तेरा दीवाना हो गया।
सुरतिया के रंग पर ना किसी को जाने देना। 

तु ही मेरा रखवाला हैं ध्यान तु मेरा रखना।
अपनी साँवली भक्तन को तुम सम्भाल लेना।

देखकर यदि गुण मेरे कोई आए मेरे पास। 
तो प्रभु बनाऊँ उसे मैं अपनी आस।

गोरे रंगत पर जो फिदा हो उसे वही रंग दिखाना।
मेरी साँवली सूरत पर ना कोई सवाल उठवाना।

तु साँवला मेरा है मैं तेरी साँवली। 
दुनिया से क्या लेना-देना जब तेरे रंग में मैं रंग गयी।

जब तुने ये रंग दिया है फिर क्यु किसी की सुनूं। 
तो दुनिया की कड़वी बातों से क्यु मैं जल जल मरूँ। 

नीलम गुप्ता 🌹🌹(नजरिया )🌹🌹
                   दिल्ली