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भावमय विभोर ---
अराधना करू,
हे शिव शंकर भोले नाथ---
तुम्हारी साधना करू,
नील कंठ बनकर---
विषपान कर लिया है,
संसार के सारे---
कष्टों को हर लिया,
कृपा रहे हमेशा---
यही कामना करूं,
शिव शंकर भोलेनाथ---
तुम्हारी कामना करू,
संगीता वर्मा✍✍

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