ये दिन ये हफ्ते और ये साल बदलते
जाएंगे....
तारीखों पर तारीखें बदलतीं
जांएगी....
पुराने केलेंडर उतरतें हैं और नए केलेंडर
लग जातें हैं....
तीज, त्योहारों की तारीख बतातें हैं
केलेंडर....
अपने बुजुर्गों के न होने की तारीख बतातें
हैं केलेंडर....
अपने पढाई और जिंदगी के इम्तिहानों तारीखों
को बतातें हैं ये केलेंडर....
सारा साल सब कुछ बतातें दिवारों से लटके
रहतें हैं ये केलेंडर....
पंखे की हवा से झूलते रहते ये
केलेंडर....
दिवारों पर हिल कर निशांन डालते हुए ये
केलेंडर....
अपने होने का एहसास कराते ये
केलेंडर...
ये कहते हैं दिन महीने साल बदलतें जाएगें
कहतें हैं ये केलेंडर....!
🌱🌱मनु ✍🏻

0 टिप्पणियाँ