नन्ही परी हूँ मै एक चिड़िया सी,
पंख नही है मेरे लेकिन उड़ती हूँ मैं ।।

अपने हौंसलो की उड़ान से,
सपनों के आसमान पर।।

दूर बहुत दूर है एक आसमां; 
जहाँ तक उड़ना चाहती हूं मैं।

पाना चाहती हूं मैं वो आसमान वो उड़ान ,
जो देखी है मैने अक्सर अपने सपनों में।।

ये जानकर हँसेंगे लोग, तो हँसने दो।।

कहेंगे लोग तो कहने दो,
आज भी ज़माना वही है जो कल था।।

सबकुछ बदल गया सबके लिए
नही बदला तो बस नज़रिया।।

 जो होता है एक परी के लिए।
नन्ही परी हूँ मैं एक चिड़िया सी।।


                  एकता श्रीवास्तव