शादी करने का मन करता लागे डर अति भारी
  भागा भागा आया मैया पास तुम्हारे
   बतला दो ए मैया प्यारी शादी क्या है जरूरी 
   शादी करने का मेरे दिल में अरमान बड़ा है
    पर अनजान डर का मन में शैतान खड़ा है 
    भैया जी की हो गई शादी बीवी के नखरे उठाते हैं 
    उनकी हालत देख देख मन मेरा घबराता है
     शादी करने को मन करता लागे डर अति भारी 
     अपनी बीवी के नखरे क्या मैं उठा पाऊंगा 
     अगर बनानीपड़ी रसोई ,क्या मैं बना पाऊंगा 
    देख कर सारे  जग की हालत मन घबराताभारी
     शादी करने को मन करता लागे डर शशंअति भारी
     अनजाने डर से दिल हरदम मन मेरा क्यू  हे डरता
      तुम ही बताओ मैया मेरी क्या मैं सब कर पाऊंगा 
      सुन मेरे बेटे शादी करना है बहुत जरूरी 
      डैडी ने भी खूब निभाई थी अपनी सब जिम्मेदारी 
      बस इतनी सी बात के लिए तू नाहक डरता 
     शादी तो जीवन का सुख है 
     पति पत्नी का रिश्ता प्यारा
      नोकझोंक तो होती रहती ,तू क्यों डर कर भागा।।



                  मधु अरोड़ा