एक बरस के बाद खिला है,
फिर से अप्रैल फूल।
मुबारक़ अप्रैल फूल.......

मगरमच्छों के आंसुओं से,
खींचा जाए अप्रैल फूल।
मुबारक़ अप्रैल फूल........

खाद झूठ की पाकर ही,
पले बढ़े ये फूल।
मुबारक़ अप्रैल फूल.......

धोखे और छलावे से,
इठलाए ये फूल।
मुबारक़ अप्रैल फूल.......

बहुत रुलाए पहले सबको ,
फिर हंसाए हमको ये फूल।
मुबारक़ अप्रैल फूल........

अच्छे अच्छों को उल्लू बनाने,
आता अप्रैल फूल।
मुबारक़ अप्रैल फूल.........

सीधे सच्चों को सदा फसाए,
जाल में अप्रैल फूल।
मुबारक़ अप्रैल फूल........

झूठ मूठ के सपने दिखाने,
आए अप्रैल फूल।
मुबारक़ अप्रैल फूल.........

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                 सपना (स. अ.)
                  जनपद-औरैया