1
कल सुबह
जब हुआ तैयार
बन ठन के

2
तो बोली पत्नी 
जँच रहे हो बड़े 
क्या है बात 

3
मैं घबराया
थोड़ा हड़बड़ाया
पोंछा पसीना

4
कैसे बताऊँ
ऑफिस में आती है
एक हसीना

5
नाम है जूली
उसकी मुस्कान ने
दिल ले लिया

6
फिर सम्हला
पत्नी की आवाज में
थीं पहेलियां

7
मैं डर गया
जूली के चक्कर में
पत्नी न रूठे

8
जाना सच्चा है
पत्नी ही प्यार मेरा
बाकी हैं झूठे

✍️प्रीति ताम्रकार
      जबलपुर