एक मुर्दा श्मशान घाट से लकड़ी चुरा कर भाग रहा था... पकड़ा गया वो क्योंकि चौकीदार जाग रहा था...ये बात बदबू की तरह चौकीदार फैलाने लगे... दूर दूर से जिन्दा लोग भी लकड़ी चोर मुर्दे को देखने आने लगे...!
चोकीदार मुर्दे से पूछने लगा बता और कौन तुम्हारे साथ है?.... मुर्दा बोला बस और नहीं है कोई... बस इसमें सिर्फ अनूप का ही हाथ है...!
अब तो मुर्दा गुस्से में बोलने लगा... मुंह अपना वो खोलने लगा... बोला, मुर्दा हूँ मैं मुर्दा...देश का कोई जिन्दा नेता नहीं...जो सब मिलकर चोरी करतें हैं... विदेश में पैसे जमा वो करते हैं...!
वहाँ खड़े जिन्दा लोगों से ज्यादा मुर्दे साहस था... उसमें न कोई घबराहट न कोई भी डर था...!
तभी वहाँ पुलिस वाला आया और बोला कहाँ है वो... और उसे देखकर पूछा कौन है तूं?... मुर्दा
बेखोफ बोला मैं चोर मुर्दा हूँ...!
यह सुनते ही पुलिस वाला डर गया...उसका माथा पसीने से भर गया... पहले रूमाल से पसीना पोंछा उसने...फिर रुमाल को निचोड़ा उसने...!
वो बोला मुर्दे से हाथ दे अपना... हाथ में हथकड़ी डालते ही पुलिस वाला डर गया... क्योंकि हथकड़ी नीचे गिर गया...यह देखते ही मुर्दा बोला तू नहीं डाल पाएगा मुझे हथकड़ी... इधर ला मैं पकड़ लेता हूँ हथकड़ी...फिर उसे गाड़ी में बैठाया गया...पुलिस स्टेशन ले जाया गया...!
वहाँ जा कर पुलिस वाले ने पूछा...बताओ कब से काम चल रहा है...! मुर्दा बोला जब रेट सिलेंडर का बढ़ रहा है...वह बोला मैं तो शमशान से लकड़ी चुराता हूँ... लोगों को मुफ्त में रोटियां पकाने को...तुम पुलिस वालों की तरह से नहीं...लोगों से महीना, हफ्ता वसूल रहा हूँ...!
पुलिस वाला सुन बात उसकी ज़ल गया...कुर्सी पर बैठे उबल गया😡... सोचने लगा न जाने अब किसकी बारी है?... पर चोरी की पूछताछ अभी जारी है 😜।।।।
😜मनु✍🏻

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