आज नयी पीढ़ी को अनजाने से
सत्य से परिचित कराती हूँ
क्यों मनाते हैं 1 अप्रैल को
मूर्ख दिवस वो इतिहास बताती हूँ
लगभग 100 वर्ष पूर्व जब आज के दिन ही
,हिन्दू नव संवत्सर हुआ करता था
तब हर भारतवासी को खुद पर
बहुत गर्व हुआ करता था
तोड़ने इस गर्व को अंग्रेजों ने चाल चली
हिन्दू नववर्ष मनाने वालों को
मूर्ख,महामूर्ख की उपाधि गढ़ी
धीरे-धीरे ये बात हमारे
अंतर्मन में बसती गयी
भूलकर गर्वित होने की बात
ह्रदय में जड़-बुद्धि होने की
बात गहरे भरती गयी
आओ मिलकर हम सब
इस भ्रांति को दूर करें
गर्व करें सनातन संस्कृति पर
देश और समाज को जागरूक करें।।
आशा झा सखी

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