इस नाम को सुनते ही डर जाते है लोग
अपने लोगो से भी दूर हो जाते है लोग,
लोगो के बीच दूरी ला दी है कोरोना ने
इस दूरी को भुला कर नई शुरुआत करो,
रहो मिल जुल कर एक दूसरे का ख्याल रखो,
सारी दुनिया को एक परिवार समझो,
वसुधैव कुटुम्बकम की शक्ति को सार्थक करो,
ये जीवन की अनमोल शक्ति है,
इसे तुम मन मे धरो,
न डरो कोरोना से
ये है कुछ समय का
आगे का स्वर्णिम जीवन तुम्हे पुकार रहा है,
आगे बढ़ कर स्वागत करो जीवन का,
प्राप्त करो अपने ध्येय को,
कोरोना से तुम मत डरना,
आगे बढ़ना, धीर रख कर
आगे बढ़ना,
जीवन से सबक लेना ,
हर पल आशा से नया आकाश सजाना,
नित नई उमंग से खुशी से जीना,
अपनो के साथ कदम मिलाकर चलना,
आगे बढ़ कर सब पा जाना,
सृजन का नया इतिहास बनाना,
,'श्रुति'सदैव याद रखना,
विकास की अमर ज्योति जलाना,,,।
डॉ सुरभि जैंन "श्रुति'
सतना, मध्यप्रदेश

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