यदि आप इसके बारे में कुछ भी जानते हो तो कृपया मुझे जरूर बताना । इसे मेरे पिताजी अक्सर मेरे बचपन में सुनाया करते थे । करीब पच्चीस वर्षों से इसका बिल्कुल जिक्र भी नहीं हुआ । अब मैं जब प्रतिलिपि पर लिखने लगी हूं तो मुझे इस की याद आई । मैंने अपने पिता से इसकी जानकारी लेनी चाही । उन्होंने अपनी याददाश्त पर बहुत जोर डालकर यह कुछ पंक्तियां ही बताई । उन्होंने बताया कि दिल्ली के अजमल खान पार्क में एक प्रोग्राम हुआ था । उसमें एक पांच साल के बच्चे ने यह गाया था । उस समय मेरे पिताजी की उम्र बीस या बाइस साल थी । यह सन् 1955 की बात है ।

हम छोटे-छोटे बच्चों से
हंसना और हंसाना सीखें,
मिला तुम्हें आसानी जीवन
इसे सफल बनाना सीखें ।

चींटी और मकोड़े जैसे
_____बनकर लाना सीखें,
मिला तुम्हें आसानी जीवन
इसे सफल बनाना सीखें ।

सूर्य और चंद्रमा जैसे
जग में प्रकाश फैलाना सीखें
मिला तुम्हें आसानी जीवन
इसे सफल बनाना सीखें ।

यह पूर्ण नहीं है, यदि किसी को आती हो तो कृपया जरूर बताना ।


                 धनु दयाल