घर मेरे मां आ रही है 
शेर पे सवार  है
तैयारी पूजा ,अर्चन का सामान चाहिए 
तैयारी स्वागत की करनी है
 एकांत चाहिए 
 मां की ममता पानी है
  प्यार अपने से रिझाना है 
  थोड़ा उन्हीं बनाना है
  सुंदर सुंदर वस्त्र पहनाना हैं 
  रोली ,कुमकुम, मेवा ,फल का भोग लगाना है    सुंदर-क्षृगारसे सजाना है
   बातें मां से ढेरों करनी है 
   ममतामई की ममता पानी है
    गोद में उनके बैठने को
     तैयारी चंद करनी है 
     मां के स्वागत की तैयारी करनी है
      उनके लिए मुझे एकांत चाहिए 
      करुणानिधान मैया का बस प्यार चाहिए।
                        दिल की कलम से 


                       मधु अरोड़ा