करें अनुरोध राधा 
रानी गिरिधर से....
काहे गागर मोहीं फौडी 
जाये तूँ पत्थर से....

पनघट पर जो 
पानी भरने आये....
सारी पनिहारिन 
को काहे तूँ सताये....

कान्हा तो अपनी
हरकतों से बाज न आयें....
चलों यशोदा मय्या से
ही इसकी पिटाई करवायें....

जो कहीं आपबीती 
यशोदा मय्या से....
कान्हा मेरा लाखों में है एक, कहकर
बतयाने लगी गय्या से....

ओर क्या तुम्हें 
अब सुनायें....
कान्हा को भला
कैसे समझायें....

                   कुमारी आरती सुधाकर सिरसाट
                   बुरहानपुर मध्यप्रदेश