जंगल में खून हुआ
एक आदिवासी का
जिसके हृदय में जोश भरा था
आदिवासी थाती का
जल जंगल जमीन पर
जिसको हक विरासी था ।
मृत पड़ा एक पेड़ के नीचे
घोंप दिया खंजर पीठ के पीछे
लहू रिस - रिस कर उसका
जल की धारा में घुल गया
जल जंगल जमीन पर
जिसको हक विरासी था ।
दोहराया गया इतिहास है
बात यह बहुत ही खास है
बिरसा मुंडा का वंशज था
उनकी तरह ही उलगुलान*
उसका मकसद था
शहीद वो हो गया
गुमनामी में खो गया ।
कसूर बस उसका इतना
बचा रहा था घर अपना
जंगल में खून हुआ
एक आदिवासी का
जल जंगल जमीन पर
जिसको हक विरासी था ।
उलगुलान - आदिवासियों का जल जंगल जमीन के लिए संघर्ष
धनु दयाल

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