बड़ी जेठानी के घर पूजा थी ।
दोनों छोटी देवरानी भी पूजा में गई।
पूजा के बाद तीनों रसोई में सबके लिए खाना बना रही थी ।
जेठानी ने सारी रोटी बना ली तो बचे हुए आटे का गोला बना कर कटोरी में रखने लगी ।
यह देखकर छोटी ने कहा "अरे , दीदी ये क्या करती हो ? बचे हुए आटे को गोल पिंड की तरह नहीं रखते,अच्छा नहीं होता। मरे हुए लोगों का पिंड दान होता है न इसलिए आटे का पिंड बनाकर रखना अच्छा नहीं होता।"
मंझली ने हैरान होते हुए कहा "क्यों बेकार की बातें करती हो? एक नया अंधविश्वास बड़ा रही हो ।"
हद तो तब हुई जब जेठानी ने आटे के गोल को बिगाड़ दिया।
जो बरसों से बचे आटे का पिंड बना कर रखती थी । इस बात को तुरंत मान लिया ।
अब ये ही बात वो आगे और लोगों को भी बताएगी ।
इसी तरह अंधविश्वास बनता है और फैलता है ।
धनु दयाल

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