तेरे आने की उम्मीद जगी, उस उम्मीद से तेरे आने का अहसास हुआ ।
इस स्वप्नन में, मैं जीती ही रही कि शाय़द तुम आए हो जीवन में।
तेरे स्पर्श की अनुभूति हुई, जैसे कि मेरा आंचल थाम लिया।
जीवन भर साथ निभाने को स्वीकार किया ,कि तुम आए हो जीवन में।
तुमसे मिलकर दिल में नेह जगा,तुम से जीवन में प्रेम मिला,
इस प्रेम से मधुर संगीत खिला,
जो तुम आए हो जीवन में।
एक सुंदर मोहक गीत मिला,सपनों का मनमीत मिला।
दिल से दिल के तार मिले, जो तुम आये हो जीवन में।
तब मुझे खुद के होने का अहसास हुआ ,मेरा अधूरा सपना साकार हुआ।
ऋतुराज वसंत के आगमन का संदेश मिला ,जो तुम आए हो जीवन में।
तुम से जीवन में रंग भरा, रंगों की रंग रंगीली बरसात हुई,
जीवन बगिया सुरभित महका,जो तुम आए हो जीवन में।
तुम से मुझे रंग रुप मिला ,उस रूप से मेरा सौंदर्य खिला ,
दो पुष्पों का उपहार मिला,जो तुम आए हो जीवन में।
मेरी भावनाओं का श्रृंगार बनकर,जीवन की अपार प्ररेणा बन कर ।
मेरे स्नेहिल प्रियतम बनकर,जो तुम आए हो जीवन में।
अर्चना पांडेय,आर्ची

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