कहते सुना है जहां राधे
वहां राधेश्याम
अरे क्यों झूठ कहते हो फरेबी
तूने ना जाने कितनों का दिल तोड़ा है
याद है कि भूल गया
रोती राधे को भी तूने कुंज गलियों में तन्हा तन्हा छोड़ा है।
हां पिंटू तन्हा तन्हा छोड़ा है।।
रोई राधा तो रोया तू भी होगा
ना सोई राधा तो ना सोया तू भी होगा
छुपाकर आंसू मृगनयनों में
कहते हो मुझे आदत है मुस्कुराने की
सच तो ये है
मोहन तेरी यह अदा है गम छुपाने की
मोहन तेरी यह अदा है गम छुपाने की।।
पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏 💐💐

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