नव दंपति युगल घूम रहा हसीं वादियो में 
करता प्यार का इजहार 
वादी और हसीं हो गई 
साथ पाकर प्रिय का 
वह भी मंद मंद मुस्कां गई 
फूल भी मानो बुला रहे थे 
देख कर हमें वह मुस्कुरा रहे थे
 खुशबू मन को लुभा रही थी
  दीवाना सा बना रही थी
   एक दूजे का हाथ पकड़े 
   उन हसीन नजारों में 
   नजर से नजरो की बात करते 
   कुछ अपनी कहते 
   कुछ उनकी सुनते 
   चेहरे से नजर ना उनके हटती 
   वह धीरे से उनका मुस्कुराना
    नजरें चुराकर कनखियों से देख जाना 
    आज भी दिल में 
    मीठा एहसास जगाती है
     धीरे से शर्माना और
      वह मुझ में सिमट  जाना
       आसां नहीं वह लम्हा भूल पाना
        चलो फिर चलें हसीं वादियो में कहीं 
        जीले वो मस्त पल  यूं ही फिर कहीं।।
                            दिल की कलम से


                            मधु अरोड़ा