आज 40 साल बाद पिता का पत्र मिला ,जिसमे उन्होंने मां के जिंदा होने की बात बताई थी।

पत्र पढ़ते आंसुओ का सैलाब जो बीस वर्षों से  रोका था,टूट गया।उसके मन में अनगिनत सवाल ,गोते लगाने लगे।

फिल्म की शूटिंग जल्दी ही निपटा कर तुरंत ही  जॉन, सेंट डियागो की ओर रवाना हुआ।

पिता आखिरी सांसे ले रहे थे।पहुंचते ही उन्होंने  जॉन  को, कागज का मुड़ा टुकड़ा पकड़ाया,और अपनी आंखे  हमेशा के लिए बंद कर ली।

जॉन ने पेपर खोल कर पढ़ना शुरू किया।जिसमे उन्होंने लिखा था ,तुम्हारी मां मरी नहीं है ,बल्कि वो यहीं सेंट डियागो के मानसिक आरोग्यशाला में हैं।

पत्र में आगे लिखा था, तुम्हारे जन्म के बाद मेरा झुकाव  अपनी सहकर्मी" मेरी" की ओर हो गया , मैं उससे प्यार करने लगा था ,जिससे तुम्हारी मां बहुत नाराज़ रहती थी, हममें "मेरी" को लेकर काफी झगड़े होते।

जब तुम दो महीने के हुए,तब वह मानसिक रूप से बीमार हो गई,मैंने उसे यही मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती करा दिया।

और फिर मेरी से विवाह कर लिया,उसके बाद मै कारोबार में इतना व्यस्त हो गया कि, एक बार भी जाकर सुजैन को देखा भी नहीं।

मै अपने स्वार्थ में इतना अंधा हो चुका था कि तुम्हे सच बताने की मेरी कभी हिम्मत ही नहीं हुई।
आज जब आखिरी सांसे ले रहा हूं तो ,अपनी आत्मा पर इतना बड़ा बोझ नहीं रख सकता ,इसलिए मैं तुम्हें बताने की हिम्मत कर रहा हूं।

जॉन की आंखों के सामने अंधेरा छा गया,उसे उसके बॉडीगार्ड ना संभालते तो वह गिर पड़ता।

सारा दोष उसके पिता का था जो उसने एक मां को अपने बच्चे से ,और एक बच्चे को उसकी मां से दूर रखा ,लेकिन अब क्या फायदा , किससे फरियाद करता ।

अन्तिम क्रियाकर्म कर जॉन अपनी मां से मिलने पहुंचा।
मां अपनी गोद में एक खिलौना  लिए एक पेड़ के नीचे बैठी थी,शून्य को निहारती।

अचानक आरोग्यशाला में हलचल होने लगी, कि ,कोई बड़ा हॉलीवुड का अभिनेता आ रहा है।सभी कर्मचारी बेहतर व्यवस्था के लिए इधर उधर दौड़ने लगे।

जॉन अपनी कार से उतर इंक्वायरी पर पहुंचकर सुजैन के बारे में पूछा। सुज़ैन के पास सब लोग जमा होने लगे, उन्होंने बताया उसका बेटा आया है ,उससे मिलने।

" मां दौड़ पड़ी - मेरा बेटा आया है"।
जॉन का हृदय अपनी मां को देख भर आया ,वह चाहता था कि जोर से दौड़ अपनी मां के गले लग जाऊं,उसकी गोद में सर रख दूं।
" मैं आ गया मां"_ तुम्हारा जॉन।
मां ने उसे घूर कर देखा,और ठंडी श्वास के साथ कहा",ये तुमलोग किसको लाए हो?"

मेरा जॉन तो सिर्फ 2 महीने का है।
हटो _तुम कौन हो,।
और उठ कर अपने कमरे में चली गई।

जॉन दर्द से भर गया, सालों बाद मां मिली,उसने पहचानने से इंकार कर दिया।

शायद मां ,आज भी अपने अतीत में ही खोई थी।वो उनका अवसाद था,जो उनकी किसी ने सालों साल तक खोज ख़बर नहीं ली थी।

किसी तरह जॉन मां को घर ले आया।लेकिन जीवन के अंतिम सांस तक उन्होंने उसे अपना बेटा नहीं माना।

आज सबकुछ का मालिक था जॉन ,लेकिन एक टीस थी उसके दिल में ,जो उसे नहीं मिला था _ वो था मां का प्यार।
स्वरचित_संगीता