कुलबुलाहट का भी महत्व है,
जीवन में,
यही तो शुरुआत है नए आयामों की
मन के प्रश्नों को जब मिलता नहीं स्थान,
कुलबुलाहट जन्म लेती, कर देती समाधान !!!
जिज्ञासा की जननी ये,
मानव के लिए वरदान,
कितने रहस्य खोजे इसने
बनाया लोगों को महान,
कुलबुलाहट जब उठती मन में
प्राप्त होता नया ज्ञान !!!!
जार्ज लेमैत्रे, और आर. एल्फर
के मन गुदगुदाए थे,
महान भारतीय सत्येन्द्र नाथ बोस
मन ही मन कुलबुलाए थे,
तब ही ये , बिंग बैंग की थ्योरी रच पाए थे,
बना कैसे ये ब्रह्मांड ,खोज ये कर पाए थे !!!!
कुलबुलाहट नारी के मन की ,
देखो कितनी भारी है,
कौन हूँ मैं ??
क्यों पीछे हूँ ??
समाज में स्थान कहाँ ??
दुनियाँ में क्यों मैं बेचारी हूँ। ??
कुलबुलाहट अपनी मिटाने
नारी ने खोज लिए आयाम ,
तब ही स्थान बना नारी का
उसे मिला उचित सम्मान !!!
स्वरचित, मौलिक, सर्वाधिकार सुरक्षित
कीर्ति चौरसिया
जबलपुर (मध्य प्रदेश)

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