मेरा नाम  है, कोरोना, भाई मेरा नाम  है कोरोना

मेरा नाम  है, कोरोना, भाई मेरा नाम  है कोरोना
नहीं छूटा मुझसे , कोई............. जग का कोना

मेरा नाम  है कोरोना................................!

मास्क पहना,हर पल,रहे जब  तुम, घर के अन्दर
वर्ना वेंटिलेटर पे  रहते, कम  पड़  जाते, सिलेंडर

नही समझना, मुझको,किसी बीमारी से  कमतर
मेरे  कारण, सूनी सड़कें, बंद पड़े  हैं  कई दफ़्तर

मास्क, सैनिटाइजर,  इंसानों में दो गज़ की दूरी
कैसे बढ़ेगा मेरा वंश, है मेरी बहुत बड़ी मज़बूरी

हा!  हा!  हा!  एक  दिन  ले  लेता  हूँ, मैं  जान
अगर  मुझसे  सतर्क..नहीं  रहता   कोई  इंसान

बड़े   संकट में ला दिये हैं  मैंने  कईयों के  प्राण
बेड अस्पताल के कम पड़े,कम पड़े हैं  शमशान

शुक्र करो बच गये,कर कसरत,योगा,प्राणायाम 
सांस लेने लायक नहीं  छोड़ूं ,ऐसा मेरा परिणाम 

दिखता  हूँ  पॉजिटिव, निगेटिव असर  करता हूँ 
इंसान करूँ, मैं,अकेला, भीड़ में सफ़र करता हूँ

मेरा नाम  है, कोरोना, भाई मेरा नाम  है कोरोना
चला आया हूँ  मैं बड़ी दूर .........................से
        भूपेन्द्र सिंह  चौहान “राज़”