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रश्मिरथी
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शायरी
शिकायत खुद से
शिकायत खुद से
मई 16, 2021
बेपरवाह थी,आज़ाद थी
,💃💃💃💃💃
नासमझ थी,था सुकून
ज़िंदगी में,😊👧
🤓😊😊😊😊
परवाह और समझदारी ने तो
परेशान कर दिया है😌
,,😌😌😌

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