हे रघुवंशी हे रघुनंदन 
सुन लो मेरी करूण क्रंदन
विपदा बड़ी अब तो आई 
दुःख के बादल है अब छाई
कृपा करों हां दया करो 
हे रघुवंशी हे रघुनंदन  २

त्राहि त्राहि करता है सब जन २
सांस रूकी है सांस थमी है 
प्राण वायु की बड़ी कमी है 
अब तो सबको क्षमा करो 
कृपा करों हां  दया करो 
हे रघुवंशी हे रघुनंदन  २


टूट रहें सब रिश्ते नाते
छूट रहे सगे संबंधी 
तपड़ रहा यह जग सारा 
कोई न किसका अब सहारा 
कृपा करों हां दया करो
हे रघुवंशी हे रघुनंदन २


अब तो कोप त्याग करों
हम सब को माफ करों
फिर चलने दो पुरवाई 
अब तो रोक लो  यह तबाही 
कृपा करों हां दया करो
हे रघुवंशी हे रघुनंदन  २


सीख गई है सृष्टि सारी 
पश्चाताप है सबको भारी 
फिर से खुशियों की सृष्टि भर दो
फिर सब पर दया दृष्टि कर दो 
कृपा करों हां  दया करो
हे रघुवंशी हे रघुनंदन  २




                        

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