ऐतिहासिक धरोहर हूँ, 
वीरों की जन्मभूमि! 
माँ जानकी की नगरी हूँ!! 
हाँ मैं वही बिहार हूँ!! 


गौतम बुद्ध को ज्ञान मिला, 
महावीर प्रवर्तक हुए यहाँ! 
उगना चाकर बन आए!! 
हाँ मैं वही बिहार हूँ!! 


सम्राट अशोक की, 
गाथा कहता हूँ!! 
तक्षशिला सा गुरूकुल, 
जहाँ। हाँ मैं, 
वही बिहार हूँ।। 



श्री राम का गुरुकुल यहाँ, 
फिर प्रणय में बंधे जहाँ!! 
विधापति का काव्य बसा, 
अहिल्या आश्रम जहाँ, 
हाँ मैं वही बिहार हूँ!! 

श्वेता कर्ण