स्थान _
वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी,साइबेरिया। ।
विश्व का सबसे खतरनाक जैविक प्रयोगशाला जिसमे जैविक हथियारों का उत्पादन होता है।
वैज्ञानिक आज उन दंत कथाओं को हकीकत में उतारने के मिशन में आयोजित एक कांफ्रेंस में शरीक होने इकट्ठे हुए हैं।
निकोलस ने सभी वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा_
"मेरे प्यारे साथियों ,
आप सभी ने कैरिबियाई द्वीप समूह में लगभग 28000 किलोमीटर में फैला एक देश हैती, के बारे में सुना होगा ,जो 1804 में फ्रांस के आधिपत्य से मुक्त हुआ था,यहीं से आया था एक नाम जिसे जोंबी कहते हैं,यह वहां की दंत कथाओं का डरावना किरदार है।एक चलती फिरती लाश ,जो पल में तबाही ला सकती है,कहते हैं उनको तांत्रिकों ने अपनी मंत्र शक्ति से अभिसरित किया था।
लेकिन आज हमने एक ऐसे वायरस का इजाद किया है ,जो एक चलते फिरते आदमी में अगर इंजेक्ट कर दिया जाए,तो उसके जितने आंतरिक अंग हैं वो काम करना बंद कर देंगे।तंत्रिका तंत्र का एक हिस्सा जो मोशन और भूख का अहसास कराएगा ,वही सक्रिय रहेगा।
ऐसा व्यक्ति भूख के कारण अगले व्यक्ति को काटेगा तो वायरस उसमे ट्रांसमिट हो जाएगा।
इस तरह एक से पूरी आबादी ,ज़ोंबी बन जाएगी।और उन जोंबी को हम ही कंट्रोल कर सकते हैं।
फिर दुनिया के सुपरपावर हम होंगे।हम ही होगे उनके तारणहार ,हम ही होंगे विनाशक।
तो साथियों इस वायरस के एंटीडॉट तैयार कर लो। और इस वायरस को दुनिया के कुछ शहरों में मानव द्वारा इंप्लांट की तैयारी करो।
जैसा आदेश सर_कांफ्रेंस खत्म।
कुछ कैदियों को इस वायरस का डोज देकर अलग अलग देश के हवाई जहाज पर बैठा दिया जाता है।
जॉर्जिया की राजधानी_तिब्लिसी(यूरोप का छोटा देश)
चारो तरफ एयरपोर्ट पर अफरातफरी मची थी।
पुलिस ,हॉस्पिटल के डॉक्टर सब भाग रहे थे।
एक व्यक्ति जो एयरपोर्ट पर अपना इमिग्रेशन क्लियर करा रहा था ,उसके शरीर में अचानक अजीब सी हरकत होने लगी।
ऑफिसर्स ने तुरंत एंबुलेंस बुलाया और हॉस्पिटल के लिए रवाना किया गया।
अगस्ता हॉस्पिटल पहुंचते पहुंचते वह व्यक्ति एक जोम्बी में बदल गया। अजीब सी डरावनी शक्ल ,वह एंबुलेंस के रुकते ही कूद पड़ा।
फिर सामने से आते एक डॉक्टर के गले में काट लिया,खून का फौवारा गले से फूट पड़ा।एक चीख निकली और डॉक्टर का शरीर भी विकृत होने लगा।
सामने से आते उस विकृत मुख वाले जोम्बी को देख सब भागने लगे।उसके मुंह पर खून लगा था,वह धीरे धीरे चल रहा था।थोड़ी देर में डॉक्टर भी उठा और उसकी तरह चलने लगा ।
रास्ते में जो भी व्यक्ति सामने पड़ रहा था ,वह उसे काट लेता जिससे वायरस से दूसरे भी संक्रमित होने लगे।
अच्छे खासे लोग ज़ोंबी बन गए थे।
प्रेस मीडिया सब जगह यह खबर पहुंच गई ,
ब्रेकिंग न्यूज_
शहर में जोंबी का आतंक ,एक ज़ोंबी ने पूरे शहर में लोगों को जोम्बी बनाना शुरू किया है।
जो भी लोग अपने घर में हैं ,वो कृपया कर के घर में रहें ,जब तक की सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं ढूंढ लेती ,कोई अगर जॉम्बी को सामने से आता देखे तो ,उसके सामने न पड़े।
डर और दहशत का माहौल चारो ओर छा गया।
सरकार की हाई लेबल की मीटिंग बुलाई गई
प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से सलाह मशविरा लेना शुरू किया।
किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था।बहुत लोग जानकारी के अभाव में जॉम्बी बन गए थे।
सड़कें सुनसान हो गई थी,अब सड़क पर सिर्फ जॉम्बी ही जोम्बी दिखाई दे रहे थे।
प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों के साथ एक आपातकालीन मीटिंग बुलाई।और उन्हें इसके रोकथाम के लिए उपाय पूछा।
सभी के लिए ये अचंभा था ,सबने एक स्वर में कहा ,यह किसी वायरस का काम है।वायरस वातावरण में निष्क्रिय और किसी के अंदर जाते ,यह जिंदा हो जाता है ,और अपना रूप बदल लेता है।
प्रधानमंत्री जियोर्गी ने कहा ,जल्दी ही कोई उपाय ढूंढिए।कब तक लोग घरों में बंद रहेंगे।
जब इन जोम्बियो को खाना नहीं मिलेगा तो ,ये उग्र हो जाएंगे और फिर घरों को तोड़ कर घुसने लगेंगे।
वैज्ञानिकों ने हामी भरी और अपने रिसर्च सेंटर की ओर चल दिए।
प्रधानमंत्री ने खुफिया तंत्र ,पुलिस सभी को अलर्ट किया , कि ऐसा व्यक्ति आया कहां से?
सारी टीमों ने रात दिन एक कर दिया।राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री रातों को जागते रहे ,रणनीति बनाई जा रही थी।
दो दिन हो गए थे। दुकानों में टंगा मीट,चिकन ,सब उन् जोम्बियों ने खा लिया था।पेट की भूख लगातार बढ़ रही थी ,खून पीना था उन्हें।
वे उग्र हो रहे थे।
इधर रशिया लगातार ,नजर लगाए था।एक समय जॉर्जिया ,सोवियत रूस का ही एक भाग था। जॉर्जिया बाद में अलग हो गया था।तब से रूस और जॉर्जिया दोनो शत्रु हो गए थे।
आखिर 3दिनों की रात दिन की मेहनत रंग लाई ।डरे ,सहमे लोगों के चेहरे में कुछ खुशी की लहर दौड़ी।
ये पता किया गया, कि वह पहला व्यक्ति विमान द्वारा जॉर्जिया, टोलमाचेओ हवाई अड्डे, साइबेरिया से भेजा गया था। जबकि वह व्यक्ति जॉर्जिया का ही निवासी था,किसी जुर्म के कारण वहां की जेल में बंद था।
अब प्रधानमंत्री ने मानवाधिकार,WHO , जैसी संस्थाओं को अपने देश की स्थिति अवगत करा कर संबंधित देश पर कार्रवाई की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय दबाव पड़ने पर रशिया ने एंटीडॉट की कुछ खेप जॉर्जिया में भेजी ।
इधर दो युवा वैज्ञानिकों ने एंटीडॉट आने से पहले क्लोरीन डाई ऑक्साइड का छिड़काव इन जोंबियों के उपर किया।
बहुत अच्छे परिणाम आए , जॉम्बी एक एक कर में मरने लगे।
लेकिन जो मरे सब अपने थे। कोई कसूर नहीं था आम जनता का ।
लेकिन सत्ता,ताकत का घमंड पूरी मानवता,राष्ट्र और मानव सभ्यता के लिए घातक है।
स्वरचित_संगीता(यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है ,वास्तविकता से किसी राष्ट्र और पात्र का इससे कोई संबंध नहीं है)

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