ट्रिन ट्रिन ट्रिन ट्रिन....हाँ जी आप कौन मेडम 
आपको तोहफ़ा मिला है माही हैरान!! रह गयी... 
हेलो हेलो क्या हुआ... हेलो मेडम... मेडम.... 
थोड़ा संयत होकर अपने आपको सम्हाल कर.... 
संयत होकर माही बोली हाँ जी बतायें...... 
मेडम आपने हाल ही में कुछ खरीदा था न...... 
हाँ जी अभी तो हम लोगों ने फुली वाशिंग मशीन 
खरीदी है तो......

मेडम उसमें लकी गिफ्ट रखा गया था..... आज 
उसका ड्रा निकला है....उसमें प्रथम द्वितीय तृतीय 
पुरस्कार रखे गये थे.... 

प्रथम पुरस्कार 50 हजार का....द्वितीय पुरस्कार 
35 हजार का और तृतीय पुरस्कार 25 हजार का 
रखा गया था....और सांत्वना पुरुस्कार भी पाँच 
लोगों को तोहफ़े में रिस्ट वाच.... पर मेडम हेलो 
मेडम आप सुन तो रहीं हैं न....हाँ तो बताईये फिर...
मेडम आपको प्रथम तो नहीं मिल पाया..... 
मेडम आपको द्वितीय पुरुस्कार मिला है........ 
मेडम पूरै 35 हजार का तोहफ़ा आपके नाम...... 

भैया आप बतायें कैसे मिलेगा और कब मिलेगा 
हमें ये तोहफ़ा..... 

मेडम दरअसल!! ये तो बड़े समरोह में दिया..... जाता...पर ये कोरोना के कारण समारोह तो!! 
नहीं हो पायेगा.... आन लाईन ही आपके एकाऊंट 
में जमा होगा....उसके लिए हमें क्या करना होगा...? 

कुछ नहीं मेडम एक छोटा सा प्रोसिज़र है.... बस 
हम आपसे कुछ प्रश्न पूछेंगे.... आपको सही सही 
बताना होगा.... आपने वाशिंग मशीन लेते समय 
जो वहाँ लिखवाया होगा.... उसी से जानकारी मेच 
होना चाहिए.....ठीक है मेरे साहब तो अभी हैं नहीं 
दो दिन बाद आयेंगे.... तब वही आपको बता देंगे...
मेडम पर ये तो आज ही भरना है..... 

तो मुझे ज्यादा तो जानकारी नहीं है.... कोई बात 
नहीं मेडम जितनी हो वही बता दीजिए..... 
हाँ तो मेडम बतायें आपका नाम... ओके 
आपके पति का नाम.... आपके घर का पता.... 
मेडम सही बताईगा.... मैं मेच कर रहा हूँ...... 
मिस मेच होगा तो.... आपको तोहफ़े की राशी 
नहीं मिल पायेगी....हाँ तो मेडम आपके बैंक का 
नाम... ओके....एकाऊंट नम्बर....वो तो याद नहीं 
है.... कोई बात नहीं देखकर बताईये.... क्यों कि 
मिस मेच नहीं होना चाहिए...... ठीक है भैया अभी 
देख कर बताती हूँ.......

माही फ़टाफ़ट महेश की पास बुक निकाल कर... 
उन्हें एकाऊंट नम्बर बता देती है..... 
मेडम पूरी इन्क्वायरी आपकी बिल्कुल सही है.... 
बस एक बात और मेडम आपका खाता खाली नहीं 
होना चाहिए.... उसमें कम से कम 50 हजार होना 
जरुरी है.... तभी ये 35 हजार पहुँच पायेंगे आपके 
एकाऊंट में.... नहीं नहीं भैया इतना तो हम बैंक में 
रखते ही हैं.... हाँ मेडम जब आपके पतिदेव आ 
जायें.... तो उन्हें सरप्राईज़ दीजिएगा...... 

अब तो माही मन ही मन खूब खुश..... ये आयेंगे 
तभी बताऊँगी इन्हें..... रात में महेश से बात होती 
है.... पर उसे कुछ नहीं बताती... सरप्राईज़ जो देना 
है.... महेश आवाज से समझ जाता है.... आज तो 
बहुत खुश लग रही हो क्या बात है..... हाँ बात ही 
कुछ ऐसी है..... क्या है भई हमें भी तो बताओ.... 
नहीं भई बोला न सरप्राईज़ है.... आओगे तभी बताऊँगी....अच्छा ठीक है बाबा.... तभी बताना.... 

दो दिन बाद जब महेश आता है.... तो उसके गले 
से लिपट जाती है.... और सब बताती है..... 
है भगवान.... ये तुमने क्या कर दिया माही...... 
अब तक तो पूरा एकाऊंट खाली हो गया होगा..... 
धम्म से निढाल होकर बैठ जाता है...... 
नहीं महेश ऐसा कैसे हो सकता है.... और लोगों 
को भी तो मिला है...अरे अब तुम थोड़ा शांत रहो.... 
मैं बैंक में बात करता हूँ..... 

हाँ बोल महेश.... अरे यार मेरा एकाऊंट देखकर 
बता उसमें कोई लेन देन हुआ है क्या..... 
तू ऐसा क्यों पूछ रहा है....अरे यार जल्दी से देख 
कर बता......बता रहा हूँ!! बात क्या है...? 
अरे तू मुझसे क्यों पूछ रहा है..... कल ही तो तूने 
75 हजार निकाले हैं.... मात्र 12 हजार हैं  इसमें... 
क्या ऽऽ वही हुआ.... जिसका मुझे अंदेशा था.... 
हुआ क्या...? कुछ बतियेगा भी..... 
बस इतना समझ ले तेरी भाभी को तोहफ़े के बहाने 
किसी ने चूना लगा दिया...तू घर आ जा फिर आगे 
की कार्यवाही करते हैं...... 

  कहानीकार -रजनी कटारे 
       जबलपुर (म. प्र.) 

काल्पनिक कहानी