मन मे उमंग जगी
तन से सजन जगी
गुम गुम आये देखो
चारो ओर छाए देखो 
कारे कारे मतवारे
मनको बहलाने वारे
साथ मे हवा भी लाये
फूल बगीचे मुस्काये
घन घोर है घटाए
बदरा ये  घिर आये 
चारो ओर है हवाएं
बदरा ही बदरा छाए 

संध्या पंवार