अपनों से ना रखे गिला- शिकवा,
अपनों से ही है नूर.......
वक़्त पे ना जोर है क्या दे इसका कसूर,
आज बैठे हैं साथ में, 
कल हो जाएँगे दूर.......।
                  ऋचा कर्ण✍