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रश्मिरथी
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शायरी
अपनों से
अपनों से
जून 01, 2021
अपनों से ना रखे गिला- शिकवा,
अपनों से ही है नूर.......
वक़्त पे ना जोर है क्या दे इसका कसूर,
आज बैठे हैं साथ में,
कल हो जाएँगे दूर.......।
ऋचा कर्ण✍
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