हे शारदे मा।
तू वर दे मा।
वीणावादिनी मा।
ज्ञानदायिनी मा।
वेदों की जननी तू।
ब्रह्मा की संगिनी तू।
श्वेत हंस तेरी दिव्य सवारी।
चमके सुनहले मुकुट ये तेरी।
हे मा भारती।
करूं तेरी आरती।
हे श्वेतांबरा।
उज्जवल कर धरा।
                          -चेतना सिंह