ना दिन से
ना रात से,
जिन्दगी बदलती है
हालात से।
शान्त सी चल रही जिन्दगी में
अचानक ही,
हलचल हो आती है
जैसे किसी ने ,
ठहरे हुए पानी में
कंकड मारकर,
तरंगित कर दिया हो
हलचल मचा दी हो।
कुछ भी तो स्थिर नही रह्ता,
कहते हैं
परिवर्तन संसार का नियम है
तभी तो कुछ भी नही टिकता।
डर लगता है अब,
अकस्मात ही आ जाये
हालात कोई,
और बदल जाये सब्कुछ
पल भर में ही।।
,,,,,,,,,,,डॉली मिश्रा "पल्लवि"✍️

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