उसको नही मुझसे मोहब्बत ,
तो मुझे क्यों है,
हजारो जख़्म दिये उसने मुझे,
फिर भी मुझे जरुरत उसकी क्यों  हैं,
बस अपना ही मतलब पूरा  करता  हैं वो मुझसे,
फिर भी मुझे उसकी फिक्र सताती क्यों है,
कितना सताता हैं वो मुझें ,
फिर भी मरता दिल उसपे क्यों हैं ,
समझ नही आता बात छोटी सी क्यों है।
सच, पता हैं मुझें की मै उसका जुनून नहीं,
फिर भी लकीर मेरे हाथों में उसका क्यों है,
बात छोटी सी क्यू है ।