हर पल तेरा नाम रटे
बिल्कुल रट्टू तोता है
              दिल ही तो है... 
आँखों आँखों में रात कटे 
जगता है न सोता है 
              दिल ही तो है...
 याद में तेरी तड़प तड़प 
भीतर भीतर  रोता है 
              दिल ही तो है...
मधुर मिलन की आस में 
एक एक लड़ी  पिरोता है 
              दिल ही तो है ...
 देख पिया धक धक धड़के
 क्या ऐसा ही होता है 
               दिल ही तो है..


            -कीर्ति प्रदीप वर्मा