इस तरह बार-बार औकात औरत को दिखाया न करो....
वह औरत है इसलिए मजबूर है ये सोच कर एहसान जताया ना करो...
हमने भी पढ़े हैं महाभारत के किस्से, यूं इल्जाम द्रोपदी पर लगाया ना करो.......
आना हो तो मेरी जिंदगी में द्रौपदी के कृष्ण बन कर आना,
सीता के राम या यशोधरा के बुद्ध बनकर आया ना करो.....
हां मैं औरत हूं और आज भी तुमसे बहुत प्यार है,
जिस नाम से बना हो रिश्ता हमारा हर नाम से स्वीकार है,
बस सामान समझकर अधिकार जताया ना करो.....
...... ✍️ पिंकी मिश्रा

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