"इंतज़ार सदियों से है और उम्र भर निभाएंगे
रिश्ता रूह से जुड़ा है तो कैसे भूल पाएंगे...।।

ज़िन्दगी के हर लम्हों में हम याद आयेंगे
चाहा है गर दिल से फ़िर कैसे भूल पायेंगे...।।

हर बात हमारी वो याद करते रहेंगे ।
हम इश्क़ बन उनके दिल में उतर जायेंगे...।।

झोंका हवा का बनके हमें तब भी छुएंगे।
सांसों में उनकी खुशबू  हम अपनी बसाएंगे।।

होंगे  हमारे में  एहसास उनके पर ।
वो चाहके हमको ज़रा भी छू न पायेंगे।

देखेंगे जब भी प्यार से ख़ुद की नज़रों में वो।
अक्सर उन्हें आंखों में नजर हम ही आयेंगे...।।

हम रोज़ सताएंगे उन्हें एक कसक बन ।
लम्हात वो बीते हुए भी गुनगुनाएंगे......।।"
                         अम्बिका झा ✍️