बहुत दर्द भरी और ज़ालिम दुनिया है
यहाँ कोई किसी के प्यार को नहीं समझता
ए दिल यहाँ कोई नहीं है अपना तेरा
चल वहाँ जाते है जहाँ तुझे कोई अपना समझते है......!!
दिल की जख्म को देख कर मल्हम की जगह
लोग यहाँ ज़ख्मो पर नमक छिड़का करते है
ए दिल यहाँ कोई नहीं समझता दर्द तेरी
चल वहाँ जाते है जहाँ दो मीठी बोल की मल्हम मिल जाते है.....!!
अपनेपन की ढोग करके जाने कितने दिलो से खेल ते है
मासूम सी चहरे के पीछे जाने कई चेहरे रखते है
ए दिल यहाँ इनती भीड़ में भी इतना तन्हा है
चल वहाँ जाते है जहाँ कोई तुझे दिल से अपना कहते है......!!
आँखों में प्यार की चमक की जगह गम की आंसू देजाते है
कुछ पल के लिए साथ रह कर ज़िन्दगी भर की इंतज़ार देजाते है
ए दिल तू मासूम है कब तक ये दर्द हँस कर सह पायेगा
चल वहाँ जाते है जहाँ तेरा कोई अपना इंतज़ार कर रहे है.....!!
जिसके लिए हम अपनो को भी छोड़ देते है
हँस कर गम की दुनिया अपना कर खुशियों से मुँह मोड़ लेते है
ए दिल ऐसी जज़्बातो का यहाँ कोई कद्र नहीं करता
चल वहाँ जाते है नैना जहाँ अपनेपन और जज़्बातो की कद्र होते है....!!

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