बोते रहे बबूल
पायें कहाँ गुलाब 
तो क्या कहेंगे आप?

 ई बुक्स का जमाना
 बिकती नहीं किताब
 तो क्या कहेंगे आप? 

करते हैं नशाबंदी 
और बेचते शराब
तो क्या कहेंगे आप? 

माना कि उम्र दराज हैं
पर आते हैं नए ख्वाब 
तो क्या कहेंगे आप?

चरण वंदन करके 
पाते रहे खिताब 
तो क्या कहेंगे आप? 

 बोलना सिखाया
 देने लगे जवाब 
तो क्या कहेंगे आप? 

बेटों को कांधा देकर 
कर रहे विलाप 
तो क्या कहेंगे आप? 
           
  -कीर्ति प्रदीप वर्मा
माखननगर, बाबई, मप्र