अभी तक नहीं आया जवाब मेरा ख़त की
जो बरसो पहले उनके प्यार में लिखी थीं
रात दिन रहती है इंतज़ार मुझे..
की किसी रोज़ आएगी उनका ख़त मेरे लिए....
क्या मैं याद भी हूँ उन्हें,
क्या उसकी खयालो में मैं आज भी आती होंगी
आज भी मेरी प्यार उनके लिए कम ना हुआ
क्या उनके दिल में ज़रा भी परवाह नहीं मेरे लिए...
आज भी वों मेरी सुबह की पहली याद है
आज भी मेरी रात की आख़री अहसास है
कोई इतना कैसे बदल सकता है
की अभी तक नहीं आया उनका ख़त कोई मेरे लिए....
ए हवा तू मेरा एक काम दे, जा उनको छू कर मेरा अहसास दिला दे
भूल कर गर जी रहे होगे आज में तो उनको मेरी यादो की आभास कर दे
तू ही आख़री उम्मीद हो मेरी दिल की आस हो
वों लिख दे कोई ख़त प्यार का ना सही कोई शिकायत ही मेरे लिए...

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