सब बँधन तोड़ दो खुद के लिए बोल दो,
घुघरुओ को जोड़ लो कमर को मोड़ लो ,
शर्म हया छोड़ दो दिल के सारे तार छेड़ दो,
पैरो से ताल ठोक दो आखों से इशारे ,हाथो से भाव बोल दो,
यारों एक चांस तो लो और, घूघरुओ का ताज सिर पे रख लो।।
रश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022
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