योग तो योग है
 योग से काया निरोग है,
 रोज चिंतन करते जाते हैं
 पर समय नहीं निकाल पाते हैं।

 अध्यात्म का सबको ज्ञान है
 आत्मस्वरूप आत्मा की पहचान है,
 पर आत्मा का  आजकल हनन है
 न शुद्धि है, ना मनन है।

 कुछ समय योग पर लगाओ ना
  कष्टों, रोगों को दूर भगाओ ना,
 दवाओं से मुक्ति पानी है
 जिंदगी सरल बनानी है।

 अध्यात्म अंतःकरण की शुद्धि है
 शुद्धि से ही सच्चितानंद है,
योग अध्यात्म को जोड़ दो परस्पर
 तभी जीवन परमानंद है।