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संगीता सिंह
ताबूत
ताबूत
जून 18, 2021
रुसवाई न दे ऐ ,मेरी जाने वफा।
तेरे प्यार में फना हुए तो ,
ढूंढोगी मुझे कैफ की तरह।।
गर उठ गया ताबूत से किसी दिन
तो जी न सकोगी इंसान की तरह।
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