एक पल का इंतजार भी होता है सदियों जैसा
भूख लगे ना प्यास
थम जाती है श्वास 
आने की उम्मीद अडिग विश्वास
पलकें बिछाए जीने की आश
एक पल का इंतजार भी होता है सदियों जैसा
इंतजार तू भी कैसा कैसा, इंतजार तू भी कैसा कैसा ।।

यहां हर कोई इंतजार की कतार में खड़ा है
जिंदगी जीने की खातिर जिंदगी से ही लड़ा है
इंतजार में हर शख्स उखड़ा उखड़ा है
फिर भी कहता है मुस्कुरा कर
इतनी भी क्या जल्दी है मुसाफिर
बुंद बुंद से ही भरता जीवन में प्यार का घड़ा है
बुंद बुंद से ही भरता जीवन में प्यार का घड़ा है

कहता है दिवाना ये जो मेरा दिल का टुकड़ा है
आएगा मुझसे मिलने एक रात वो जो दूर हसीन वादियों में  चांद सा मुखड़ा है
कैसे कह दूं साहिल ना मिला प्यार मैं
मैं सदियों से आज भी खड़ा हूं बस उसी के इंतजार में
बस उसी के इंतजार में।।

जीवन में कभी धूप है तो कभी होती है छांव
हमेशा नहीं होता कोई आसमां पर जमीन पर ही आकर टीकते हैं पांव
भर ही जाने है मीट ही जाने ये जो हैं दिल के गहरे घाव
वक्त का पहिया कब ठहरा है
ये जो इंतजार है आज अधूरा है
होना एक दिन प्यार की नदी का प्यार के सागर में ही बसेरा है।।

पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏💐💐