वो कौन है जो औरत की हिफाजत नहीं करते सुना है जो इंसानियत से मुहब्बत नहीं करते। मर्द अगर दिल है तो औरत धर्कन है मर्द अगर जिस्म है तो औरत जान है मर्द अगर रास्ता है तो औरत मंजिल है। वो कौन है जो औरत की हिफाजत नहीं करते। सुना है जो इंसानियत से मुहब्बत नहीं करते। जैसे आंखें खोने से रौशनी नहीं मिलती सांसें खोने से जिंदगी नहीं मिलती। वैसे औरत को खोने से कुछ भी नहीं मिलती। वो कौन है जो औरत की हिफाजत नहीं करते। सुना है जो इंसानियत से मुहब्बत नहीं करते। मां की शक्ल में औरत चाहिए बहन की शक्ल में औरत चाहिए पत्नी की शक्ल में औरत चाहिए। चाहिए सबको पर इज्जत क्यूं नहीं करते। वो कौन है जो औरत की हिफाजत नहीं करते सुना है जो इंसानियत से मुहब्बत नहीं करते नहीं करते। आपका :- अफ्फान "हाजीपुरी"