सभी को पितृदिवस की बहुत बहुत बधाई🙏🙏💐💐
पिता के प्रति मेरे मन के कुछ उदगार💐💐
बहुत देखे संघर्ष करने वाले,
पापा जैसा करने वाला कोई संघर्ष नही मिला।
बहुत मिले मिलने वाले पर पापा जैसा वो
सुरक्षित वो स्वच्छ वो स्पर्श नही मिला।
प्रेम , त्याग, तो है हर रिश्ते में मगर,
अपने लिए न जीकर जो जिए हमारे लिए,
पापा के सिबा कोई न्योछावर करने वाला सर्वस्य न मिला।
प्रतिपल जिन्हें है हमारे कल आज की चिंता,
भरी जवानी में बच्चों के लिए जो छोड़ दे सुख अपना,
बहुत मिले पर पापा जैसा वो शख्स नही मिला।
जो बचपन में देता रहा ठण्डी छाँव,
जिसकी छत्र छाया में थे अपनी खुशियों के गाँव,
फिर उम्र के इसी भी पड़ाव पर वो सानिध्य देने वाला दरख़्त न मिला।
पा लीं पढ़ लिखकर कई उपाधियाँ हमने,
चढ़ लीं ऊंचाईयों की कई सीढ़ियाँ हमने,
कहीं पापा के कंधों जैसा बुलन्द वो तख्त न मिला।
अंजु दीक्षित,
बदायूँ,उत्तर प्रदेश।

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