मेरा प्यार है तू, इज़हार है तू ,
मेरी ना में भी ,हाँ का हकदार है तू।।
मेरी रचना है तू, इक सपना है तू,
मेरे साथ का , हाँ हकदार हैं तू।।
मेरी आस है तू, मेरी प्यास है तू,
जो न पा सकूं वो एहसास है तू।।
मेरी ख़ुशी है तू ,मेरी हँसी है तू,
जो न कह सकूं , वो राज़ है तू ।।
मेरा प्यार है तू, इज़हार है तू ,
मेरी ना में भी ,हाँ का हक़दार है तू।।
मेरी सास है तू,मेरी आस है तू
जो न मिल सका ,मेरी काश है तू।।
एकता श्रीवास्तव ,इंदौर, म.प्र.✍🏻

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