मैं करूँ ना ऐसा काम,
ना मन में हो अभिमान
बनूँ मैं स्वाभिमान.........।
माँ शक्ति दो,माँ शक्ति दो.........🙇
            
                सदियों से नारी का इस जग में होता अपमान,
                 ना हुआ वैदहि और द्रौपदी का सम्मान
                 अब ना हो अपमान,दे दो इतना वरदान.....।
                 माँ शक्ति दो,माँ शक्ति दो......🙇

नवरात्र में जब होता है कन्या का पूजन,
फिर क्यों पैरों में होते हैं इतने बंधन
बेटी तो है शान जो छू ले आसमान........।
माँ शक्ति दो,माँ शक्ति दो..........🙇

                 हूँ माँ ,बहन  ,बेटी और मैं हूँ एक औरत,
                   इतने सुंदर रूपों की मैं हूँ एक मूरत
                मैं बनूँ सबकी पहचान,हो नारी का कल्याण...।
                माँ शक्ति दो,माँ शक्ति दो............🙇

                           ऋचा कर्ण✍